रविवार, 12 जनवरी 2014

लालकिले से (भाग-1) कापी, पेस्ट और पिपली लाइव से बन गया केजरीवाल का दिल्ली माडल


लालकिले से (भाग-1)

                           कापी, पेस्ट और पिपली लाइव से बन गया                                    केजरीवाल   का दिल्ली माडल       

  केजरीवाल ने बिजली कपंनी का आडिट, वार्डसभाएं, जनता दरबार, एंटीकरप्शन हैल्प लाइन, सस्ती बिजली के ५ फंडे, ३ भाजपाशासित राज्यों से कापी किए हैं।

  कांग्रेस के महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों के दावानल जैसे गुस्से को डाइवर्ट करने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ केजरीवाल का हेल्पलाइन नंबर, जनता दरबार, बिजली के बिलों में कटौती को पिपली लाइव की तर्ज पर टीवी चैनल ऐसे दिखा रहे हैं जैसे कि यह देश में पहली और सिर्फ पहली बार हो रहा हो। पर ऐसा है नहीं केजरीवाल ने भाजपा शासित राज्यों में गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा से पांच चीजें कापी की और पेस्ट करके दिल्ली में लागू कर दीं। देखें कहां से क्या चुराया। चूंकि मैंने मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़, राजस्थान और गुजरात में पत्रकार के तौर पर पिछले १३ साल गुजारे हैं इसलिए ये मेरी निगाह में सबसे पहले आया। इसलिए आज से लोकसभा चुनाव तक राजनीति की हर छोटी- बड़ी बात का विश्लेषण पढ़े मेरी विशेष चुनाव श्रृंखला- लालकिले से.. आज प्रस्तुत है इसकी पहली कड़ी। जिसमें कापी, पेस्ट का पोस्टमार्टम किया गया है। वैसे अच्छी चीजें कहीं से भी ली जा सकती हैं इस पर कोई रोक नहीं है पर मेरी आपत्ति है पेस्ट करके इसे अपना बताने पर। देखें कहां से क्या कापी,पेस्ट किया।
  1. गुजरात से चुराया- जनता दरबार, एंटीकरपश्न हेल्पलाइन।
  2. मध्यप्रदेश से चुराया- बिजली कंपनियों का आडिट और वार्ड सभाओं का रसायन।
  3. छत्तीसगढ़ और गोवा से चुराया-सस्ती बिजली का फार्मूला और जनता दरबार।

गुजरात से यह-यह किया कापी

स्वागत: जनता से सीधे मुलाकात के कार्यक्रम को जनता दरबार के रूप में खासकर राज्यों के मुख्यमंत्री सालों से चला रहे हैं लेकिन इसे सही आकार दिया गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने। यह गांधीनगर सचिवालय में १३ साल से प्रति मंगलवार को चल रहा है। उसमें भी पिछले दस सालों यानी २००३ से यह स्वागत के नाम से व्यवस्थित और संगठित तौर पर चल रहा है।गांधीनगर जाने के लिए उस दिन बसें भी चलती है, १० रूपए में वहां खाना भी मिलता है। मोदी सहित सारे मंत्री अपने-अपने कक्षों में जनता की समस्याएं व्यवस्थित रूप से सुनते हैं। इस नाम से पोर्टल भी है जिसमें आप अपनी समस्याओं के स्थिति के बारे में जान सकते हैं। मोदी का मुख्यमंत्री सचिवालय गुणवत्ता की हिसाब से आईएसओ-९००१ प्रमाण पत्र प्राप्त है।
http://swagat.gujarat.gov.in/
हेल्पलाइन- गुजरात में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पांच साल पहले हेल्पलाइन नंबर१८००२३३४४४४४ है। इसके लिए अलग से पूरा पुलिस महकमा तैनात है। इसके बाद गुजरात में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है।
ये ये हैं इस माडल के फालोअर -
छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी और पिछले १० साल से रमनसिंह प्रति गुरूवार को जनदर्शन में लोगों से मिलते हैं। गुजरात की तर्ज पर यहां पर जनदर्शन का पोर्टल है। उसमें जनता को उसकी शिकायतों के समाधान की स्थिति पता चलती है।
http://cg.nic.in/jandarshan/
बिहार के मुख्यमंत्री ने भी मोदी की ही तर्ज पर पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। वे मोदी की तर्ज पर लोगों से मिलते है। जेडीयू से अलग होने के बाद भाजपा नेता सुशील मोदी भी अपना दरबार लगाते हैं।
http://www.bpgrs.in/
BPGRS/Janta Darbar Helpline No. 0612-2201000.
फालोअर- करंट फालोअर हैं केजरीवाल

मध्यप्रदेश से यह-यह किया पेस्ट

बिजली कंपनियों का आडिट: बिजली कंपनियों का आडिट शिवराजसिंह ने आरंभ किया था। इसकी रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें बताया गया है कि प्रदेश में कोयले से जितनी बिजली बननी चाहिए थी नहीं बन रही है। इस रिपार्ट पर अब राज्य सरकार को फैसला करना है।
वार्ड सभाएं: वार्ड सभाओं का फंडा मध्यप्रदेश और उसमें भी इंदौर से निकला है। तत्कालीन महापौर और वर्तमान यूडीएच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने २००४ इंदौर में प्रयोग के तौर इसकी शुरूआत की थी। इसका मकसद था मोहल्ले के विकास में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना था। बाद में २००९ में इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। कुछ वार्डसभाएं बनीं भी थीं पर इस दौर यूडीएच मंत्री रहे बाबूलाल गौर की लापरवाही से वार्ड सभाएं नहीं बन पाईं। इस बार विजयवर्गीय फिर यूडीएच मंत्री बने हैं इसलिए वार्ड सभाओं पर वे फिर से काम आरंभ कर रहे हैं।
फालोअर- इस माडल के भी करंट फालोअर हैं केजरीवाल।

छत्तीसगढ़ और गोवा से लिया सस्ती बिजली का आयडिया

गोवा और छत्तीसगढ़ में १०० या २०० यूनिट के लिए बिजली के रेट लगभग पौने दो रूपए प्रति यूनिट हैं।
फालोअर- इसके भी करंट फालोअर हैं केजरीवाल। सब्सिडी देकर रेट कम किए। केजरीवाल ने घोषणा की कि उन्होंने ५० फीसदी रेट कम किए हैं पर इसमें शीला दीक्षित की सब्सिडी भी शामिल है। शीला दीक्षित के जुलाई में १०० यूनिट तक १.२० और २०० यूनिट तक १ रूपए प्रति यूनिट की सब्सिडी दी थी। इस हिसाब से केजरीवाल ने २० से २५ फीसदी फीसदी ही राहत दी है वो भी सभी को नहीं।
सबसे बेहतर आयडिया- जनता की शिकायतों पर सबसे किफायती और बेहतर सिस्टम मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और भोपाल के पूर्व भाजपा सांसद सुशीलचंद्र वर्मा ने बनाया था। वे अपने यहां आने वाली शिकायतों को संबंधित विभागों और लोगों को अपने लेटर पर पत्र के साथ भेजते थे और इसकी सूचना पोस्टकार्ड से आम आदमी तक भेजते थे।
चलते चलते- राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मध्यप्रदेश से तीर्थदर्शन योजना कापी की थी पर देखा हश्र क्या हुआ।
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